दिल्ली

कीर्ति नगर के लोगों की उड़ा रखी नींद

इसके निशाने पर सिर्फ पानी का मोटर

पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी दिल्ली के पॉश इलाके कीर्तिनगर में रहने वाले लोगों की नींद उड़ी हुई थी। क्योंकि जब वह सुबह – सुबह उठते और पानी का मोटर चलाते तो पता चला मोटर ही गायब है। लगातार पानी के मोटर की हो रही चोरी के मामले को आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया। इस मामले में पानी का मोटर चोर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 35 मोटर पानी के और 16 पानी के मोटर के डिस्मेंटल किया गया पार्ट बरामद किया गया है।

गिरफ्तारी से 38 मामलों का खुलासा पुलिस ने किया

इनकी गिरफ्तारी से 38 मामलों का खुलासा पुलिस ने किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सतनाम सिंह, दिनेश गुप्ता और कैलाश के रूप में हुई है। यह तीनों दिल्ली के तिलक नगर, रघुवीर नगर और शिव विहार इलाके के रहने वाले हैं। डीसीपी वेस्ट विचित्र वीर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि एसीपी पंजाबी बाग सुमन पुष्करणा की देखरेख में एसएचओ कीर्ति नगर अजीत कुमार झा, सब इंस्पेक्टर राहुल, हेड कांस्टेबल खेमाराम, विकास, कमल, कांस्टेबल देवेंद्र और नवीन की टीम ने पानी की मोटर की हो रही चोरी के मामले का खुलासा किया है।

100 से ज्यादा सीसीटीवी खंगालने के बाद खुलासा

इसके लिए 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद इनके बारे में पुलिस को जानकारी मिली। फिर इनकी पहचान की गई और जब स्पेसिफिक जानकारी मिली की चोरी का पानी का मोटर बेचने के लिए आने वाला है, तो पुलिस टीम ने सतनाम सिंह को पकड़ा। उसके पास से पानी का मोटर बरामद किया गया, जो उसने मानसरोवर गार्डन इलाके से चुराई थी। उससे जब पूछताछ की गई तो फिर पता चला कि उससे पानी का मोटर दो स्क्रैब डीलर खरीद रहे थे। फिर पुलिस टीम में उन दोनों को भी दबोचा और पानी के तीन दर्जन से ज्यादा मोटर बरामद किया।

सतनाम 60 से 80 रुपए किलो में मोटर बेचता था

पूछताछ में सतनाम सिंह ने पुलिस को बताया कि वह इलेक्ट्रिशियन का काम करता है और इस काम के दौरान उसके दिमाग में आइडिया आया कि पानी का मोटर चोरी करने से अलग से पैसे कमा सकता है। वह एक बार में पानी की कई मोटर चोरी करके फिर उसे स्क्रैप डीलर को किलो के भाव में बेच देता था। गिरफ्तार किए गए रिसीवर ने पुलिस को बताया कि वह लोग सतनाम सिंह को 60 से 80 रुपए पर किलो पानी का मोटर का पैसा भुगतान करते थे।

मोटर को डिस्मेंटल कर पार्ट को अच्छे कीमत पर बेचते

उसके बाद में पानी के मोटर को डिस्मेंटल करके अलग-अलग पार्ट को अच्छे कीमत पर बेच देते थे। जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि सतनाम सिंह पर पहले से पांच मामले दर्ज हैं। जबकि कैलाश और दिनेश गुप्ता टैगोर गार्डन और मायापुरी इलाके में स्क्रैप का काम करते हैं।

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