द्वारका

खून से लथपथ शुभम को 2 हॉस्पिटल ने भर्ती करने से इंकार किया

तीसरे में ले गए, हो गई देर, तोड़ दिया शुभम ने दम

शुभम के दोस्त ने बताया कि कोई बात नहीं हुई थी। अचानक आरोपी लड़के शुभम से बात करने लगे और फिर बहस शुरू कर दी। उनका टारगेट सिर्फ शुभम ही था। क्योंकि शुभम के चचेरे भाई के साथ कुछ समय पहले कुछ विवाद हुआ था। क्या हुआ था यह पता नहीं है। वह लड़के शुभम को जानते थे और इसलिए वह बहसबाजी करते चले गए।

द्वारका जिला के उत्तम नगर में बेरहमी से शुभम नाम के जिस लड़के की पत्थर से और सड़क पर सिर को पटक पटक कर हत्या कर दी। उस मामले में नजफगढ़ रोड पर स्थित दो बड़े हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। इन दोनों हॉस्पिटल के द्वारा घायल शुभम को भर्ती करने से इनकार किया गया था। इस लापरवाही की बात हत्या के मामले में दर्ज FIR में भी मृतक शुभम के दोस्त ने दर्ज कराई है। डीसीपी द्वारका एम हर्षवर्धन ने कहा है कि इस मामले को भी हम जांच कर रहे हैं।

वहीं मृतक के परिवार वाले ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री केजरीवाल से गुहार लगा रहे हैं कि तुरंत इन दोनों हॉस्पिटल पर एक्शन हो। क्योंकि यदि समय पर खून बहना रुक जाता तो शुभम की जान बच सकती थी। लेकिन पहले महेंद्रु हॉस्पिटल ने भर्ती करने से इनकार किया, फिर कंधे पर लेकर उसका दोस्त सामने

मग्गो हॉस्पिटल गया। वहां पर भी भर्ती करने से इनकार कर दिया गया।

उसके बाद फिर गांधी नर्सिंग होम पहुंचे जहां पहुंचने में डेढ़ घंटे का समय लग गया और ज्यादा खून बहने की वजह से शुभम की मौत हो गई। परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका यही कहना है कि दिल्ली सरकार कहती है, कि सब जगह हॉस्पिटल फ्री है। पहले इलाज होना चाहिए, कंधे पर लेकर खून से लथपथ दोस्त को लेकर दो अस्पताल का चक्कर लगाता रहा। लेकिन अस्पताल ने एडमिट करने से इनकार कर दिया आखिर क्यों ?

हत्या के इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और दूसरे साथियों की अ

बार के ओनर ने बीच बचाव करके हटा दिया था और वह लड़के चले गए। लेकिन आधेघंटे के बाद दोबारा आए और फिर जबरदस्ती शुभम को बाहर ले गए और उसे पर हमला कर दिया। सर पर सीमेंट का पत्थर मारते ही वहां से सभी आरोपी फरार हो गए। फिर मैं पहले महेंद्रु हॉस्पिटल गया वहां जब इनकार कर दिया तो तुरंत भागता हुआ शुभम को कंधे पर रखा हुआ मग्गो हॉस्पिटल गया। लेकिन उन्होंने भी भर्ती करने से मना कर दिया। इसी बीच पुलिस भी पहुंच गई थी और फिर गांधी नर्सिंग होम ले गया जहां उन्होंने मृत घोषित कर दिया।

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