जुर्मदिल्ली

गन प्वाइंट पर हुई 50 लाख की लूट की गुत्थी सुलझी

डिचाऊ का बदमाश 2 साथियों के साथ दबोचा गया 31 लाख कैश, सेमीऑटोमेटिक पिस्टल, बाईक बरामद

सेंट्रल डिस्ट्रीक्ट के एंटी नारकोटिक्स स्कवाड/एंटी ऑटो थेफ्ट स्कवाड ज्वाइंट टीम ने प्रसाद नगर इलाके में गन प्वाइंट पर हुई 50 लाख की लूट के मामले का खुलासा कर लिया है। इस मामले में लुटेरे सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें से एक इन्फॉर्मर और दूसरा षड्यंत्रकारी है और तीसरा मर्डर, लूट सहित कई मामलों में शामिल बदमाश है। पुलिस ने इनके पास से 31 लाख रुपए, सेमीऑटोमेटिक पिस्टल और वारदात में इस्तमाल मोटरसाइकिल को भी बरामद किया है।

डीसीपी संजय कुमार सेन ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लुटेरे की पहचान सुरेश उर्फ काला के रूप में हुई है। यह नजफगढ से आगे दिचाऊं का रहने वाला है। जबकि इसके दूसरे साथी की पहचान हितेंद्र सिंह के रूप में हुई है, यह उत्तर प्रदेश के शामली का रहने वाला है। पहले यह एक्साइज डिपार्टमेंट में कॉन्ट्रैक्ट बेसिक पर काम करता था। लॉक डॉउन में नौकरी गई,तो उसके बाद यह बेरोजगार हो गया। जबकि इसका दूसरा साथी श्याम करोलबाग का रहने वाला है और आरओ का बिजनेस में शामिल है। यह तीनों ही आपस में गहरे दोस्त हैं, इनकी मुलाकात शामली में एक शादी समारोह में हुई थी।

पुलिस के अनुसार 19 मई को प्रसाद नगर इलाके में 50 लाख लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। जब एक फाइनेंस कंपनी के दो इम्प्लाई से वारदात को अंजाम दिया गया था। उस मामले में लोकल पुलिस पूरी छानबीन कर रही थी। उसमें नारकोटिक्स और AATS की टीम भी लगी हुई थी। एसीपी ऑपरेशन ए के सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर गिरीश जैन, एसआई अखिल चौधरी, रवि शंकर त्यागी, ASI राकेश की टीम दर्जनों सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आखिरकार इस वारदात को सुलझाने में कामयाब हुई।

पुलिस ने वारदात वाली जगह से डंपर डाटा निकाला और उसके आधार पर निकाले गए मोबाइल नंबर से भी मदद मिली और सबसे पहले पुलिस ने हितेंद्र सिंह के बारे में पता लगाया जो उत्तर प्रदेश के शामली का रहने वाला था। फिर पुलिस टीम ने उसके ठिकाने के बारे में पता लगाकर उसे दबोचा, उससे पूछताछ हुई तो उसने बताया कि उसका साथी श्याम यादव और सुरेश उर्फ काला लूट की इस वारदात में शामिल है।

श्याम पटेल नगर का रहने वाला है लूटे गए कैश को पटेल नगर ले जाया गया था। पुलिस टीम ने फिर छापा मारकर श्याम को भी पकड़ा और उसके बाद सुरेश को भी दिचाऊं से पकड़ा गया। इन लोगों ने पुलिस को बताया कि लूट की प्लानिंग होने के बाद सुरेश ने अपनी मोटरसाइकिल का नंबर प्लेट चेंज किया। उसी बाईक से सुरेश और हितेंद्र वहां पर वारदात को अंजाम देकर फिर फरार हो गए। इस पूरे वारदात को अंजाम देने के लिए श्याम ने पूरा इंफॉर्मेशन हितेंद्र को दिया था। जो सुरेश के साथ लूट की वारदात में मौके पर शामिल था। इन्होंने पीड़ित को कनपटी में पिस्टल सटाकर डराया था और फिर बैग लूट लिया था।

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