द्वारका

गाड़ी और ट्रक चोरी के इंटरस्टेट गैंग का मायापुरी सिंडीकेट का खुलासा

दिल्ली और राजस्थान के 13 मामले खुले

द्वारका जिला के एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड की पुलिस टीम ने गाड़ी चोरी करने वाले एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गैंग के एक मेंबर ( ऑटो लिफ्टर ) को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान विक्रम के रूप में हुई है, इसके पास से चोरी का दो ट्रक और एक कार बरामद की गई। साथ ही तीन नंबर प्लेट, स्कूटी के नंबर प्लेट, अलग-अलग गाड़ियों के डॉक्यूमेंट और दो मोबाइल को भी पुलिस ने जप्त किया है।

डीसीपी एम हर्षवर्धन ने बताया कि आरोपी विक्रम अलीपुर थाना इलाके में ट्रक चोरी के मामले में वांटेड भी है। यह इससे पहले पांच मामलों को अंजाम दे चुका है, इसकी गिरफ्तारी से पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा मामलों का खुलासा करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार 15-16 सितंबर की रात डाबड़ी थाना इलाके में एक कार चोरी हुई और उसी रात नजफगढ़ थाना इलाके में टाटा 407 भी चोरी हुई। दोनों ही मामलों की एफआईआर फायर डाबड़ी और नजफगढ़ थाना में दर्ज हुई।

इस मामले को सुलझाने के लिए AATS की टीम को लगाया गया। एसीपी ऑपरेशन रामावतार की देखरेख में इंस्पेक्टर कमलेश कुमार, एसआई दिनेश, एएसआई विजय, तोपेश, हेड कांस्टेबल जगत, इंदर, जय राम, राजेश, संदीप, मनोज, धर्मवीर, हेमचंद और कांस्टेबल अरविंद की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस से मामले की छानबीन शुरू की। जहां से दोनों गाड़ियां और टेंपो चोरी हुआ था, वहां के लोकेशन को चेक किया गया।

आसपास वालों को चेक किया गया तो उसमें एक मोटरसाइकिल नजर आई जो एक कर चोरी होने के पहले वहां पर राखी के लिए पहुंची थी पुलिस टीम इस कलू के आधार पर छानबीन करती हुई विक्रम और उसके दोस्त शिव के बारे में जानकारी इकट्ठा कर ली। पुलिस टीम ने छापा मारा लेकिन दोनों वहां से भागने में कामयाब हो गए। इसी बीच एएसआई विजय सिंह को सूचना मिली की विक्रम हरी नगर झुग्गी में है। पुलिस टीम ने देर किए बिना वहां छापा मारा उसे धर दबोचा।उसकी पहचान की गई, चोरी की दोनों गाड़ियां बरामद की गई।

जिसमें टाटा 407 हरियाणा के गोहाना से बरामद किया गया। आगे की पूछताछ हुई तो विक्रम ने बताया कि वह गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाने का काम करता था। इस दौरान शादी हो गई और वह अच्छे इनकम के लिए h मायापुरी के ट्रांसपोर्ट नगर में काम करने लगा इसी।

इसी बीच उसकी मुलाकात ब्रिज श्रीवास्तव से हुई और फिर इस गोरखधंधे में शामिल हो गया। यह गाड़ी चोरी करके ब्रिज श्रीवास्तव और जितेंद्र मरवाह को बेचने लगा। उसके बाद उनके निर्देश पर चोरी की गाड़ी सज्जन राठी के गोदाम तक पहुंचने लगे। जहां पर यह गाड़ियों का डिस्मेंटल करते थे, यह गोदाम हरियाणा के गोहाना में बना हुआ था। हाल में इन्होंने एक ट्रक राजस्थान से चुराया और उसको लगभग डिस्मेंटल कर दिया था। पुलिस ने उसे भी बरामद किया है।

इस मामले में फरार जितेंद्र मरवाह जो मास्टरमाइंड भी है और उसी के इशारे पर पूरा यह गोरखधंधा चलता है। इसका मायापुरी में सेल परचेस का बिजनेस भी है, आगे की छानबीन पुलिस टीम के द्वारा की जा रही है। पता चला कि विक्रम के ऊपर स्वरूप नगर, कापसहेड़ा,द्वारका नॉर्थ, वसंत कुंज साउथ और क्राइम ब्रांच में मामले चल रहे हैं। इसकी गिरफ्तारी से डाबरी, नजफगढ़, बाबा हरिदास नगर, उत्तम नगर, बिंदापुर,पश्चिम विहार, हर्ष बाजार, रणजीत नगर, अलीपुर और हरियाणा के राजस्थान के 13 मामलों का खुलासा किया गया है

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