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चांदनी चौक के लोकल बिजनेसमैन की बजा रहे थे बैंड ढोलबाज गैंग का मास्टरमाइंड सहित दो गिरफ्तार

कई शहरों के महंगे होटल में रुकते, पार्टी सेलिब्रेट करते

मुस्ताक आलम, नई दिल्ली

उत्तरी जिला के स्पेशल स्टाफ की पुलिस टीम ने एल ऐसे ढोलबाज गैंग के मास्टरमाइंड और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। जो चांदनी चौक के कुचाघासी राम, कुचा महाजनी और पुरानी दिल्ली के लोकल बिजनेसमैन के साथ मोटी रकम और लाखों का सामान चुराते थे। इन्होंने और गैंग मेंबर के साथ मिलकर एक करोड़ से ज्यादा की चोरी पिछले सात से आठ महीनों में कर चुके हैं। इनके पास से एक लग्जरी गाड़ी, महंगी स्कूटी और तीन लाख कीमत के 2 महंगे मोबाइल बरामद किए गए हैं, जो इन्होंने चोरी की रकम से खरीदी थी।

डीसीपी नार्थ सागर सिंह कलसी ने बताया कि यह लोग टारगेट बनाकर चांदनी चौक और पुरानी दिल्ली के इलाके में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देते थे। गैंग का मास्टरमाइंड विकास 40 लाख की चोरी के मामले में वांटेड था। इन्होंने मार्च महीने में लाल किला के पास वारदात को अंजाम दिया था। उसका साथी सागर भी 10 लाख की चोरी के मामले में वांटेड था। गैंग का मास्टरमाइंड विकास वारदात के लिए अपने साथियों को मोटी रकम देता था। यह लोग लोकल क्रिमिनल को मोटी रकम देते थे।

एसीपी ऑपरेशन धर्मेंद्र कुमार की देखरेख में स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा सब इंस्पेक्टर रोहित प्रवीण सहायक सब इंस्पेक्टर हरफूल कांस्टेबल सचिन आदि की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस सीसीटीवी फुटेज और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से इस गैंग के मास्टरमाइंड और उसके साथी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।

पता चला की यह गैंग लेविस लाइफ के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, जोधपुर, जयपुर, जालंधर आदि टॉप क्लास शहरों के महंगे होटल में रुकते थे। इतना ही नहीं जब इनका बर्थडे फंक्शन होता तो फैमिली के साथ मोटी रकम खर्च करते थे। कोतवाली, सदर बाजार, लाहौरी गेट, चांदनी चौक आदि भीड़भाड़ वाले मार्केट में यह गैंग टारगेट करते थे।

जिस मोटरसाइकिल या स्कूटी पर पीछे सामान रखकर दूसरे इलाके के लोकल बिजनेस यहां से निकलते उनको यह आगे और पीछे से इस तरह से फंसा देते कि वह धीरे-धीरे अपनी गाड़ी को चलाता। इसी बीच यह उनको गच्चा देकर पीछे रखे सामान जैसे लैपटॉप, मोबाइल, कैश आदि चुराकर फरार हो जाते थे। जब उस बिजनेसमैन को पता चलता की उसके पीछे बाइक या स्कूटी से चोरी हो चुकी है तो उनको समझ में ही नहीं आता कि आखिर वारदात हुई कहा है? इसलिए कई वारदात तो दर्ज भी नहीं है।

इस गैंगनक मास्टरमाइंड इसलिए चोरी की वारदात को करवाता था, क्योंकि इसमें सजा कम होती है और जमानत भी जल्दी मिल जाती है। लोकल इनफॉरमर को भी पैसा देता था, जिससे कि इनके बारे में वो पुलिस को जानकारी ना दे।

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