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“जीजा साला गैंग” दिल्ली, यूपी, राजस्थान में मचा रखा था, आतंक भोले-भाले लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं को करते थे टारगेट

ATM बदलकर पेटीएम मशीन से कैश विड्राल कर लेते, 114 ATM कार्ड, 2 पेटीएम मशीन, बाईक बरामद

अनुभव गुप्ता, नई दिल्ली

भोले-भाले लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं को टारगेट करके और उन्हें चकमा देकर उनका एटीएम कार्ड बदलकर चीटिंग की वारदात करने वाले एक बड़े गैंग का द्वारका जिला के एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड की पुलिस टीम ने खुलासा किया है। इस गैंग के मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपियों को दबोचने में कामयाबी भी पाई है। इनके पास से 113 एटीएम कार्ड के अलावा पेटीएम की 2 मशीन भी बरामद किया गया है। इस गैंग को जीजा साला मिलकर चलाते थे, इसलिए इस गैंग का नाम जीजा साला गैंग भी था। इनके पास से पुलिस टीम ने कैश और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल को भी जब्त किया है।

डीसीपी द्वारका एम हर्षवर्धन ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से सोनू पहले भी उत्तर प्रदेश में चीटिंग के मामलों में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। वह हाल ही में जेल से बाहर निकलकर फिर से वारदात को अंजाम देने लगा। इसका सगा साला संदीप इसके साथ मिलकर वारदात को अंजाम देता है। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने 14 चीटिंग के मामलों का खुलासा करने का दावा किया है। जो दिल्ली, यूपी, राजस्थान के हैं।

इस गैंग को एसीपी ऑपरेशन रामअवतार की देखरेख में एएटीएस के इंचार्ज इंस्पेक्टर कमलेश कुमार, सब इंस्पेक्टर दिनेश, सहायक सब इंस्पेक्टर जितेंद्र, हेड कांस्टेबल जगत, परविंदर, रामरई, मनोज, राजवीर और लेडी कांस्टेबल पूजा की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से इस गैंग का पता लगाने में कामयाब हुई। जब हेड कॉन्स्टेबल परविंदर को एक स्पेसिफिक इनफॉरमेशन भी मिला की एटीएम एक्सचेंज करके चीटिंग की वारदात को अंजाम देने वाले बाबा हरिदास नगर के सैनिक एनक्लेव में हैं।

इसकी सूचना को वेरीफाई करने के बाद तुरंत पुलिस की टीम बनाई गई और वहां पर छापा मारकर संदीप और जॉनी को गिरफ्तार किया गया। यह दोनों हरियाणा के हिसार और रोहतक के रहने वाले निकले। इनसे जब पूछताछ हुई तो पता चला कि इन्होंने नजफगढ़ इलाके में कई चीटिंग की वारदात को अंजाम दिया है। इनके पास से पुलिस टीम ने 26 एटीएम कार्ड अलग-अलग बैंकों के बरामद किए। साथ ही एक पेटीएम मशीन भी बरामद किया, जो यह एटीएम कार्ड को मशीन के जरिए कैश में बदलने के काम में इस्तेमाल करते थे।

जब इनसे और पूछताछ की गई तो इनके साथी और गैंग के मास्टरमाइंड सोनू कुमार के बारे में उन्होंने बताया। जो रोहतक हरियाणा का रहने वाला था। पुलिस टीम ने फिर उसे भी गिरफ्तार किया। उसके पास से 23500 कैश, 87 एटीएम कार्ड और एक पेटीएम मशीन बरामद किया गया। आगे की जब पूछताछ हुई तो पता चला संदीप, सोनू का सगा साला है। यह लोग हिसार के रहने वाले हैं। प्रवीण के इंस्ट्रक्शन पर वारदात को अंजाम देते थे। इनके गैंग का एक साथी राजेश इसी तरह की चिटिंग की वारदात को लखनऊ में चला रहा था।

इस तरह की चीटिंग में लोग ज्यादा शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराते थे, जिसकी वजह से यह लोग पुलिस की नजर में कम आते थे। अगर कोई f.i.r. रजिस्टर्ड हो भी जाता, तो यह पीड़ित को कैश वापस करके मामला को खत्म करवा देते थे। इनकी गिरफ्तारी से नजफगढ़, बाबा हरिदास नगर, डाबड़ी, बिंदापुर के अलावा राजस्थान के नागौर, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, शाहजहांपुर आदि इलाकों के मामले का पता लगा है।

डीसीपी ने बताया कि 23 मार्च को नजफगढ़ थाना इलाके में चीटिंग की एक वारदात इसी तरह हुई थी। जब एक महिला एटीएम कार्ड से कैश विड्रोल करने गई थी। उसी दौरान दो युवक वहां पर मिले और उसने उस महिला का एटीएम कार्ड चेंज कर लिया और उसके अकाउंट से 10500 निकाल लिया। महिला की शिकायत पर नजफगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज की गई। फिर मामले की जांच एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड की टीम को दी गई। जिसके बाद इस पूरे फर्जीवाड़े का पता पुलिस को चला।

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