दिल्ली

ट्रैक्टर पर गेहूं लेकर प्रोटेस्ट के लिए SDM ऑफिस पहुंचे किसान MSP रेट पर गेहूं नही बिकने से किसान हैं परेशान

पहले बारिश फ़िर ओलावृष्टि अब MSP से कम रेट की मार 2125 की जगह बिक रहा 1700 से 1900 तक

अनुभव गुप्ता, नई दिल्ली

पहले बारिश और फिर ओलवृष्टि की वजह से किसानों की फसल खेत में बर्बाद हुई। अब जब गेहूं की फसल कंप्लीट हो गई और उसे बेचने के लिए किसान मंडी पहुंचे तो केंद्र सरकार के द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य गेहूं नही बिक रहा। जो कीमत 2125 तय है, उसकी जगह 1700 से लेकर मैक्सिमम 1900 तक का रेट मिल रहा है। जिसकी वजह से दिल्ली देहात के किसान परेशान होकर नजफगढ़ के एसडीएम ऑफिस ट्रैक्टर की ट्रॉली में गेहूं लेकर पहुंचे अपना विरोध जताने। और अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने का ज्ञापन भी दिया। देहात के किसानों के साथ भारतीय किसान यूनियन दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष और दूसरे पदाधिकारी भी साथ मे थे।

किसानों का कहना है, की बिना समय के हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण हमलोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। अभी तक सरकारी मदद नही मिली है, ऊपर से ये कम रेट को लेकर जो समस्या हो रही गए, उससे और ज्यादा हालत खराब हो रही है। ऐसे के खेती करके घर बार चलाने वाले किसान कैसे क्या करेंगे ? जो केंद्र सरकार ने समर्थन मूल्य निर्धारित किया है, उसपर भी गेहूं नही खरीदी जा रही है। इसलिए हमलोग एसडीएम को गेहूं ट्रॉली में भरकर आये हैं दान देने के लिए।

भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष वीरेंद्र डागर और महासचिव दलजीत सिंह ने बताया की दिल्ली देहात के किसानों की फसल की जो रेट सरकार एमएसपी तय करती है, मंडी में कोई भी उस भाव से फसल खरीदने को तैयार नहीं है। तय कीमत से काफी कम कीमत पर मंडी में गेहूं की बिक्री हो रही है। सरकार द्वारा 2125 रुपए कीमत रखी गई है, जबकि मंडी में उसे 1700 से 1900 तक की रेट में मांगा जा रहा है। अगर किसानों से फसल उचित रेट पर नहीं ली गई तो वह एसडीएम ऑफिस में अपनी फसल छोड़ देंगे और वही बैठे रहेंगे। अगर हमारा गेहूं एमएसपी पर नहीं बिका तो और आगे की रणनीति तेज होगा ? अब इलेक्शन का ज्यादा समय नहीं बचा है, नहीं तो फिर वही किसान रोड पर बैठकर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।

नजफगढ़ के एसडीएम ने कहा कि किसान और भारतीय किसान यूनियन प्रदेश के पदाधिकारी समर्थन मूल्य की मांग को लेकर उनकी ऑफिस में पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन ले लिया है और आगे तक प्रॉपर चैनल के द्वारा पहुंचाकर बात को सरकार तक पहूंचाया जाएगा।

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