दिल्ली

ट्रैफिक पुलिसकर्मी बनकर 50 लाख लूटने वाले मामले का खुलासा

क्राइम ब्रांच ने राजस्थान उत्तर प्रदेश से दो को दबोचा

ट्रैफिक पुलिसकर्मी का यूनिफॉर्म पहनकर और हाथ वायरलेस सेट लेकर, चेहरे पर दिल्ली पुलिस का लोगो लगा हुआ मास्क पहनकर 50 लाख की लूट की दिन दहाड़े सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बड़े मामले का खुलासा क्राइम ब्रांच की टीम ने कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान महेंद्र और उसके साथी संदीप उर्फ चेतन के रूप में हुई है। यह दोनों राजस्थान के अलवर और उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के रहने वाले हैं।

स्पेशल सीपी रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि इनके पास से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, ट्रैफिक पुलिस का यूनिफॉर्म, हेलमेट, दिल्ली पुलिस का लोगो लगा हुआ फेस मास्क एक टॉय वायरलेस सेट, मोबाइल और सिम कार्ड आदि बरामद किया गया है।

इसी महीने 11 अक्टूबर को 50 लाख लूट की सनसनीखेज वारदात आईपी स्टेट थाना इलाके में दिनदहाड़े हुई थी।
जिसमें एक पान मसाला कंपनी के एंप्लॉई की गाड़ी को रोककर शाम में चेकिंग के बहाने डिग्गी खुलवाकर उससे रूपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। जब पान मसाला कंपनी के एम्पलाई चांदनी चौक के कूचा घासीराम से कैश कलेक्शन करके मोती नगर स्थित कार्यालय जा रहे थे। जैसे ही वे लोग सलीमगढ़ फ्लाईओवर पहुंचे थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो लोग उनके पास पहुंचे और उनमें से एक ने ट्रैफिक पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। गाड़ी को रुकवाया इस दौरान दूसरे मोटरसाइकिल पर सवार दो और लोग पहुंचे और उन्होंने गाड़ी की डिग्गी से बैग लेकर फरार हो गये।

डीसीपी अमित गोयल की देखरेख में एसीपी अरविंद कुमार, इंस्पेक्टर अरुण सिंधु, सब इंस्पेक्टर विक्रांत, एएसआई मनोज, शशिकांत, चंद्र प्रकाश, सुनील, हेड कांस्टेबल गौरव, जितेंद्र, मनोज, देवेंद्र, सचिन, नितिन और लेडी कांस्टेबल निकिता शर्मा की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और लोकल इंटेलीजेंस की मदद से आखिरकार इन दो बदमाशों को दबोचने में कामयाब हुई।

 

पुलिस टीम को कोई भी कलू नहीं था, जिससे कि लुटेरों के बारे में पता चल सके। इसलिए पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए आरोपियों के फोटो को एनालिसिस करके उसी से आगे की छानबीन शुरू की थी। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कई जगह छापा मारा और उसके बाद पहले राजस्थान के अलवर से महेंद्र को पकड़ा गया। उसके बाद उसकी निशानदेही पर उसके दूसरे साथी संदीप को भी ग्रेटर नोएडा से पकड़ा गया। पता चला कि इस वारदात को अंजाम देने में संदीप, सागर, हरेंद्र का मुख्य रोल है, क्योंकि यह तीनों ही आपस में फ्रेंड है। इस मामले में अभी हरेंद्र फरार है, जो गवर्नमेंट कोएड स्कूल सब्जी मंडी में टीचर है। संदीप ने वारदात के दिन ट्रैफिक पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। इन्होंने वारदात को अंजाम देने के लिए दो चोरी की मोटरसाइकिल इस्तेमाल की थी। बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश जारी है।

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