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द्वारका एडवोकेट मर्डर, क्राइम ब्रांच ने मास्टरमाइंड प्रदीप को दबोचा,,दूसरे की तलाश जारी

अनुभव गुप्ता, नई दिल्ली

राजधानी दिल्ली के द्वारका में एक एडवोकेट वीरेंद्र कुमार की हत्या की गुत्थी क्राइम ब्रांच की टीम ने सुलझा ली है। इस मामले में मास्टरमाइंड प्रदीप उर्फ प्रवीण उर्फ बॉबी ( 39) को गिरफ्तार किया है। यह मास्टरमाइंड हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद से फरार चल रहा था। CCTV फुटेज मिल जाने के बाद भी दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान तक में दर्जनों जगह द्वारका जिला के स्पेशल स्टाफ, एटीएस की टीम रेड कर चुकी थी।

स्पेशल पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि ज्वाइंट सीपी एचडी मिश्रा की देखरेख में डीसीपी विचित्र वीर, एसीपी नरेंद्र सिंह, इस्पेक्टर संदीप स्वामी, सब इंस्पेक्टर जितेंद्र दहिया, संजीव गुप्ता, प्रदीप दहिया, सुखविंदर, सहायक सब इंस्पेक्टर अशोक, सुनील, कुलभूषण, प्रवीण, हेड कांस्टेबल अजय, गौरव, प्रदीप, अशोक, सचिन, देवेंद्र, नितिन, अनुज, कपिल और कॉन्स्टेबल विशाल की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से इस मास्टरमाइंड को ट्रैक करने में कामयाब रही। जब यह एसेंट कार से लगातार अपना लोकेशन बदलकर भाग रहा था।

तब इसे पुलिस टीम ने हरियाणा के सोनीपत स्थिति बालगढ़ गांव इलाके से दबोच लिया। हालांकि इस दौरान पुलिस से घिरता हुआ देख इस मास्टरमाइंड ने गाड़ी को भगाकर पुलिस की पकड़ से भागने की कोशिश की। लेकिन पहले से अलर्ट क्राइम ब्रांच की टीम ने भागने का मौका नहीं दिया। लगातार आरोपी छोटे-छोटे गांव में छुपता- छुपाता अपना लोकेशन बदल रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में इसका लोकेशन ट्रैक कर रही थी। उसी कड़ी में इसके बारे में पुलिस को पूरी जानकारी मिल गई।

पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार मास्टरमाइंड प्रदीप दिल्ली के नरेला के पास स्थित एक गांव का रहने वाला है। इसने आठवीं तक की पढ़ाई करने के बाद रेसलिंग की शुरुआत की थी रोशनारा रोड पर। लेकिन इसके पास इतने पैसे नहीं थे, जो अपने पर्सनल डेवलपमेंट पर खर्च करके बड़ा पहलवान बन सके। उसके बाद उसने कार चोरी की वारदात को अंजाम देकर अपनी पर्सनल जरूरतों को पूरी करने की शुरुआत 2008 में की। जब यह पकड़ा गया तब इसने चोरी की गाड़ी का नंबर प्लेट चेंज करके फरार होने की कोशिश कर रहा था।

आगे पता चला कि प्रदीप के परिवार का प्रॉपर्टी के विवाद को लेकर एडवोकेट वीरेंद्र कुमार नरवाल के साथ दुश्मनी चल रहा था। उसी विवाद में बदला लेने के लिए प्रदीप उर्फ बॉबी ने अपने साथी के साथ मिलकर 2017 में भी एडवोकेट पर हमला किया था। लेकिन उस समय वीरेंद्र बच गए थे। तब से यह फिर से बदला लेने के लिए और उसकी हत्या करने के लिए मौके की तलाश में था। पिछले शनिवार को शाम 4:00 बजे के आसपास प्रदीप और उसका साथी द्वारका सेक्टर 1 में पहुंचा और मणिपाल हॉस्पिटल के पास कार से जा रहे वीरेंद्र को गोली मारकर हत्या कर दी |

सोमवार से लेकर वीरवार तक एडवोकेट वीरेंद्र कुमार की हत्या के विरोध में द्वारका और दूसरे जिला में वकील स्ट्राइक पर भी रहे और कोर्ट में काम काज नहीं किया। प्रदीप और उसके साथी की पहचान CCTV फुटेज से द्वारका पुलिस कर चुकी थी। प्रदीप और उसका साथी हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी रह चुके हैं। एडवोकेट वीरेंद्र पर रोहिणी कोर्ट के बाहर हमला होने के बाद, पुलिस की सुरक्षा मिल गई थी, लेकिन कोविड के दौरान सुरक्षा समीक्षा के बाद उसकी सुरक्षा को हटा दिया गया था।

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