धर्म-कर्म

कृष्ण-सुदामा की दोस्ती निभाने मंदिर पहुंचे छोटे बच्चे

भगवान को लोगों नेे अपने हाथों से सजे उपहार किए भेंट

इस्कॉन द्वारका सेक्टर-13 स्थित रुक्मिणी द्वारकाधीश मंदिर में मित्रता दिवस मनाया गया। काफी संख्या में भक्त सुदामा बनकर मंदिर पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को दर्शाने के लिए क्योंकि उनकी मित्रता की मिसाल आज भी याद की जाती है।

उत्सव की शुरुआत श्रृंगार दर्शन के साथ हुई रुक्मिणी द्वारकाधीश इस्कॉन मंदिर में मित्रता का बैंड अर्पण करने के लिए सखा भाव में भक्त दर्शन करने पहुंचे। शाम में बाल-गोपाल कृष्ण रूप में सज-धजकर विराजमान हुए और मंदिर से सैकड़ों सुदामा सेवक उन्हे फ्रेंडशिप बैंड बाँधने लगे। सुदामा सेवक मंदिर निर्माण में अपना सहयोग कर भगवान के प्रति जीवन भर की दोस्ती निभाने का संकल्प किया। क्योंकि सहयोग भी मित्रता का एक रूप है।

इस अवसर पर बच्चों को तुलसी के पौधे के लिए मिट्टी के पात्र को भी सजाना सिखाया गया। जिसके बाद में वे स्मृति के तौर पर उपहार स्वरूप दे सकते हैं।

इस्कॉन के सेवादार अनिल ने कहा कि मंदिर में कृष्ण की दोस्ती और सुदामा सेवकों का प्यार देखते ही बन रहा था।
दोस्ती में प्यार को मापा नहीं जा सकता। वह दोस्ती का भाव अगर भगवान कृष्ण के प्रति हो तो उसकी गहराई की कोई सीमा नहीं होती।

इस्कॉन, द्वारका से जुड़े हज़ारों सुदामा सेवक दोस्ती के लिए सेवा का यही भाव लिए मंदिर में सहयोग कर रहे हैं और अन्य लोगों को भी इस सुदामा सेवा से जुड़ने को प्रेरित कर रहे हैं। दोस्ती निभाने सैकड़ों सुदामा सेवक पहुंचे इस्कॉन ने अपने हाथों से सजे उपहार किए भेंट और भगवान के प्रति जीवनभर दोस्ती का संकल्प भी किया ।

सौरव शर्मा, एनएन 24 न्यूज़

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