जुर्मदिल्ली

मोबाइल टॉवर के पार्ट्स चोरी करने वाला गैंग पकड़ा, यह इंटरनैशनल गैंग पार्ट्स की खरीद बिक्री में था शामिल, यूपी के किंगपिन सहित तीन गिरफ्तार

लगभग दो करोड़ रुपये के पार्ट्स बरामद

अनुभव गुप्ता, नई दिल्ली

क्राइम ब्रांच की टीम एक इंटरनेशनल गैंग का पर्दाफाश किया है, जो चोरी के मोबाइल टावर के पार्ट की खरीद-बिक्री में शामिल थे। इस गैंग के किंगपिन सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे करीब 2 करोड़ के पार्ट्स को भी पुलिस ने बरामद किया गया है।

स्पेशल सीपी रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इमरान उर्फ घातक, नसीम उर्फ टिड्डा और दिनेश उर्फ दीनू उर्फ बाबू के रूप में हुई है। यह तीनों उत्तर प्रदेश के मेरठ और बदायूं के रहने वाले हैं। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल हेक्टर कार के अलावा मोबाईल टावर के 81 अलग-अलग उपकरण BBU ( बेस बेंड यूनिट) और RRU ( रेडियो रिमोट यूनिट ) बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत लगभग दो करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली के हरिनगर, राजस्थान के अलवर, सीकर, भिवाड़ी, करौली, जयपुर, अजमेर, कोटपूतली, हरियाणा के गुरुग्राम और तेलंगाना के हैदराबाद आदि थानों के मामलों का खुलासा किया गया है। डीसीपी अमित गोयल की देखरेख में एसीपी रमेश लांबा और इंस्पेक्टर मिंटू सिंह की टीम इस गैंग का पर्दाफाश करने में कामयाब रही।

इस गैंग के 5 आरोपियों को क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट सेल की टीम ने पहले गिरफ्तार किया था, जो मोबाइल टावर के पार्ट की चोरी और खरीद बिक्री में शामिल थे। क्योंकि एक मोबाइल टावर कंपनी के तरफ से शिकायत मिली थी कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मोबाइल टावर के पार्ट चोरी हो रहे हैं। जिससे करोड़ों का नुकसान हो रहा है। फिर उसी मामले में आगे छानबीन करती हुई पुलिस टीम इन तीन और आरोपियों तक पहुंची।

गैंग का किंगपिन नसीम और इमरान है। यह लोग अलग-अलग स्टेट से चुराए गए मोबाईल टावर के पार्ट्स को मुस्तफाबाद के गोदाम में रखते थे। फिर डिमांड के हिसाब से दूसरे गोदाम में ट्रांसफर करके आगे डिस्पोजल करते थे। पुलिस से बचने के लिए यह लोग लगातार अपने लोकेशन को बदलते रहते थे। इस गैंग के पीछे काफी समय से लगी हुई पुलिस टीम को जब जानकारी मिली की नसीम और इमरान जैतपुर इलाके में चोरी के पार्ट्स को लेकर गाड़ी से जाने वाला है। तो पुलिस टीम ने वहां पर ट्रेप लगाकर मुस्तफाबाद इलाके से दोनों को दबोचा।

उससे पूछताछ की गई तो फिर इसके तीसरे साथी दिनेश को भी पकड़ा गया। फिर एक-एक करके पूरे मामले का खुलासा होता चला गया और इनके पास से लगभग 2 करोड रुपए के मोबाइल टावर के पार्ट्स बरामद किए गए। जो हेक्टर गाड़ी बरामद की गई है वह नसीम के नाम पर है। इसका इस्तेमाल वह मोबाइल टावर के पार्ट्स को इधर-उधर गोदाम में पहुंचाने के काम में इस्तेमाल करता था।

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