द्वारका

श्रीमद्भगवद्गीता जयंती पर द्वारका में 700 श्लोकों द्वारा दी गई आहुति

यज्ञ में 5000 भक्तों की हुई भागीदारी धूमधाम से इस्कॉन में हो हुआ हवन यज्ञ

श्रीमद्भगवद्गीता की जयंती आज धूमधाम से इस्कॉन द्वारका में मनाया जा रहा है। इस बार यह इसलिए भी खास है क्योंकि मोक्षदा एकादशी के दिन यह तिथि मनाई जा रही है। इसी दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। इसलिए सभी भगवान द्वारा कहे गए इस श्लोक रूपी गीत को सुनते हैं, आहुति देते हैं। मंदिर में 4 से 5 हवन कुंड स्थापित किए गए, जिसमें दिल्ली और एनसीआर के लगभग 5000 भक्त हिस्सा ले रहे हैं।

हवन के साथ-साथ गीता के 700 श्लोकों का उच्चारण भी किया जा रहा है। साथ में उनका अनुवाद भी उच्चारित किया जा रहा है हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में। जिससे भक्त अपनी-अपनी सुविधानुसार इसे समझ पाएँ। इसके साथ द्वारका के आसपास में नुक्कड़ नाटक का मंचन किया जा रहा है। जिसमें इस्कॉन यूथ फोरम के युवा भाग ले रहे हैं। दिसंबर में शुरू हुए गीता मैराथन के जागरूकता अभियान में लगभग 200 स्थानों में जैसे द्वारका की विभिन्न मार्केट, मॉल्स, सोसाइटी में और आसपास के क्षेत्रों नजफगढ़, जनकपुरी, हरि नगर में में लगभग 10 हज़ार भक्त सामूहिक रूप से श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण कर रहे हैं। यह जागरूकता अभियान नए साल के शुरुआत तक चलेगा। जिससे अधिक से अधिक संख्या में लोग गीता को पढ़ें और जीवन के संकल्प के लिए प्रतिबद्ध हों।

मंदिर की सजावट भी इस बार खास की गई है। इस बार यहाँ 5000 साल पुराना पारंपरिक ग्रामीण परिदृश्य देखने को मिल रहा है। भगवान के विग्रह स्थल को गीता थीम पर सजाया गया है। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण साक्षात गीता का ज्ञान देते नज़र आएँगे। गीता जयंती पर ‘सेल्फी प्वाइंट’ भी बैलून वाला बनाया गया है। इस दिन तुला दान की भी बहुत महत्ता बताई जाती है। जो लोग भगवद्गीता प्रायोजित करना चाहते हैं, वे अपना या बच्चों का या परिवार के किसी भी सदस्य के भार के अनुरूप गीता का तुला दान कर सकते हैं।

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