दिल्ली

01 करोड़ की प्रतिबंधित दवाई बरामद ,स्पेशल सेल ने ड्रग्स कंट्रोल के साथ किया रेड

01 करोड़ की प्रतिबंधित दवाई बरामद ,स्पेशल सेल ने ड्रग्स कंट्रोल के साथ किया रेड

स्पेशल सेल की पुलिस टीम ने प्रतिबंधित दवाइयों की एक खेप बरामद कर एक केमिस्ट को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान विपिन चावला के रूप में हुई है, यह दिल्ली के बुराड़ी का रहने वाला है। इसके पास से 36238 बोतल प्रतिबंधित सिरफ़ के बरामद किए गए हैं। जो आजादपुर के एक गोदाम में स्टोर करके रखा हुआ था। इस सिरप का इस्तेमाल वैसे कफ़ के ट्रीटमेंट के लिए किया जाता है, लेकिन इस पर प्रतिबंध है।

जो आरोपी गिरफ्तार किया गया है, वह केमिस्ट रह चुका है। इसके ड्रग लाइसेंस को दो बार पहले कैंसिल किया जा चुका है, ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट के द्वारा। बरामद किए गए प्रतिबंधित सिरप की कीमत एक करोड़ पर बताई जा रही है।

स्पेशल सेल के स्पेशल पुलिस कमिश्नर एच एस धालीवाल ने बताया की इंस्पेक्टर सोमिल शर्मा और मनिंदर सिंह की टीम को इसके बारे में सूचना मिली थी। प्रतिबंधित दवाइयों को स्टोर करके उसे चोरी छुपे बेचा जा रहा है। इस सूचना पर डीसीपी स्पेशल सेल इंगित प्रताप सिंह की टीम ने पूरी जानकारी इकट्ठा करने के बाद इस आरोपी को पकड़ने के लिए छापा मारा। प्रतिबंधित दवाई को बरामद करने के लिए ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट की टीम को भी बुलाया गया। वहां पर इंस्पेक्टर संदीप शर्मा, सुनील सेठी और कृष्ण कुमार रामावत ड्रग कंट्रोल टीम की तरफ से पहुंचे थे। उस टीम के साथ मिलकर स्पेशल सेल की टीम ने इसए धर दबोचा। इसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस प्रतिबंधित सिरफ़ के बोतल को 302 अलग अलग बॉक्स के अंदर भरकर रखा गया था। जब उसकी गिनती की गई तो 36238 से बोतल बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी विपिन चावला ने इससे संबंधित कोई भी डॉक्यूमेंट पुलिस को नहीं दिया। आगे की जो पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह मेडिसिन के होलसेल बिजनेस के लाइन में 12 साल से है।

यह होलसेल में ऑथराइज डिस्ट्रीब्यूटर से मेडिसिन लेता है और आगे लोकल मेडिकल शॉप वालों को बेचता है। इसी दौरान इसको पता चला कि इस तरह की प्रतिबंधित सिरप की डिमांड मार्केट में काफी है। इसने फिर अपने शोर्स से इसके बारे में पता लगाया और बिना बिल का इसने यह दवाइयां लाई और इसे फिर छुपाकर गोदाम में रख दिया।

इसके पास जो पहले ड्रग का लाइसेंस था, वह इसकी वाइफ नेहा के नाम पर था। यह नेहा फार्मेसी के नाम से पहले मेडिकल शॉप भी चलाता था मुखर्जी नगर इलाके में। लेकिन 2021 में उसके शॉप से 15 कार्टून दवाई की बरामद की गई। इसमें 1800 सौ बोतल प्रतिबंधित सिरप बरामद किया गया था, इसकी दुकान से। फिर इसके लाइसेंस को 2021 में कैंसिल कर दिया गया। लेकिन 1 साल के बाद इसने फिर अपने नाम से ड्रग्स का लाइसेंस लिया और फिर शीतल फार्मेसी के नाम से देरावल नगर दिल्ली में शॉप खोल ली। अगस्त 2022 में फिर इसका लाइसेंस कैंसिल किया गया, क्योंकि उसके पास से 3000 टेबलेट अल्प्रेक्स के बरामद किए गए जो इसने दुकान में रखा हुआ था।

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