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6.7 करोड़ की धोखाधड़ी कर लड़ा था विधानसभा चुनाव, अब EOW ने पहुंचाया तिहाड़ जेल

6.7 करोड़ की धोखाधड़ी कर लड़ा था विधानसभा चुनाव, अब EOW ने पहुंचाया तिहाड़ जेल

तेलंगाना में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले एक राजनेता को अपने चुनाव अभियान के दौरान की गई धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सिद्धार्थ रेड्डी ने शिकायतकर्ता कंपनी को धोखा दिया और 2014 में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पैसे का इस्तेमाल किया।
दिल्ली के नेहरू प्लेस स्थित मेसर्स केयर प्रो बायोसाइंस प्राइवेट लिमिटेड के डाइरेक्टर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार आरोपी सिद्धार्थ रेड्डी, मेसर्स सिद्धार्थ इम्पेक्स के मालिक ने खुद को लौह अयस्क के विक्रेता/आपूर्तिकर्ता के रूप में दर्शाया और शिकायतकर्ता के साथ एक कांट्रेक्ट किया। इस तरह शिकायतकर्ता को लौह अयस्क की आपूर्ति के लिए आंशिक भुगतान के रूप में 6.57 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए मनाया गया। लेकिन फिर धोखा देकर आरोपी ने सामान की आपूर्ति नहीं की।

उसके बाद से आरोपी सिद्धार्थ रेड्डी लगातार फरार रहा और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। आरोपी सिद्धार्थ रेड्डी जांच में शामिल नहीं हुआ और अपनी गिरफ्तारी से लगातार बच रहा था। उसके बाद उसे 2021 में कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। घोषित अपराधी के बारे में जानकारी डेवलप करने के लिए एक टीम को नियुक्त किया गया और निरंतर प्रयासों और निगरानी के बाद पुलिस टीम आरोपी सिद्धार्थ रेड्डी के ठिकाने के बारे में जानकारी इकट्ठा करने में कामयाब हुई और टेक्निकल जांच के बाद टीम ने लीला नगर, हैदराबाद में कई दिनों तक नजर रखने के बाद उसे हैदराबाद से पकड़ने में सफल रही।

डीसीपी एम आई हैदर ने बताया की
आरोपी को आर्थिक अपराध शाखा के तकनीकी सहयोग से। डीसीपी अनयेश रॉय की देखरेख में एसीपी जटाशंकर मिश्रा, इंस्पेक्टर अमित दहिया, एसआई मनोज कुमार, सुरजीत और कांस्टेबल श्रीप्रशांत ने काफी मशक्कत की फिर इसे काफी अरसे के बाद पकड़ने में कामयाब रही।

गिरफ्तार आरोपी सिद्धार्थ रेड्डी हैदराबाद के एक किराए के घर में रह रहा था। वह 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की और बाद में रेलवे ठेकेदार के रूप में अपना व्यवसाय शुरू किया। फिर उसने राजनीति में रुचि लेना शुरू कर दिया और हैदराबाद, रामगढ़ और विशाखापत्तनम में छोटे पैमाने पर लौह अयस्क का व्यापार भी शुरू कर दिया। इसके लिए उन्होंने प्रोपराइटरशिप फर्म एम/एस सिद्धार्थ इम्पेक्स खोली थी।

इसी दौरान 2014 में शिकायतकर्ता को लौह अयस्क की आपूर्ति का कांट्रेक्ट करने के लिए प्रेरित किया और फिर शिकायतकर्ता को धोखा दिया।
आरोपी ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि उसने धोखाधड़ी की रकम वर्ष 2014 में तेलंगाना में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए खर्च की थी, जहां वह उपविजेता रहा था।

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