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BharatPe विवाद में Ashneer Grover को हो चुका 100 करोड़ का नुकसान, अब नई मुसीबत

BharatPe विवाद में Ashneer Grover को हो चुका 100 करोड़ का नुकसान, अब नई मुसीबत

सोनी टीवी का पॉपुलर शो ‘शार्क टैंक इंडिया’ Shark Tank India तो आप लोगों ने देखा ही होगा, अपने अलग अंदाज के कारण शो में अशनीर ग्रोवर काफी फेमस भी हुए थे. वहीं अब फिनटेक स्टार्टअप भारतपे (BharatPe) को लेकर शुरू हुए विवाद में हर रोज नए मोड़ सामने आ रहे हैं. पूर्व एमडी अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) को हाल ही में कंपनी के सभी पदों से हटाए जाने के बाद अब हिस्सेदारी का विवाद सिर उठा रहा है. यह विवाद एक को-फाउंडर भाविक कोलडिया (Bhavik Koladiya) की हिस्सेदारी को लेकर है. पिछले कुछ दिनों से चल रहे घटनाक्रमों में ग्रोवर पहले ही करीब 100 करोड़ रुपये के शेयरों का नुकसान उठा चुके हैं. अब केंद्र सरकार ने पूरे विवाद की अपने स्तर पर जांच करने का निर्णय लिया है.

अब सरकार अपने स्तर पर जांच की तैयारी में

Business Today TV को सरकारी अधिकारियों ने बताया कि कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय (MCA) शुरुआती जांच करेगा. यह फिलहाल फैक्ट-फाइंडिंग एक्सरसाइज की तरह होगा. अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय के पास जानकारी मंगाने, खातों की जांच करने और शेयरधारकों व इन्वेस्टर्स के हितों से जुड़ी बातों में इन्क्वायरी करने का अधिकार है. उन्होंने बताया कि इस जांच में भारतपे के बोर्ड के द्वारा कराए गए हालिया ऑडिट पर भी गौर किया जाएगा.

पूरे विवाद की शुरुआत ग्रोवर का एक ऑडियो वायरल होने से हुई. उक्त क्लिप के बारे में कहा गया था कि ग्रोवर एक आईपीओ में प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट नहीं मिलने के कारण कोटक महिंद्रा बैंक के कर्मचारी को गालियां दे रहे हैं. हालांकि ग्रोवर ने इसके बाद Tweet कर वायरल क्लिप को फर्जी बताया था, लेकिन बाद में उन्होंने खुद ही उस Tweet को डिलीट कर दिया था. इसके बाद ऑडिट के आधार पर बोर्ड ने आरोप लगाया कि ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन और रिश्तेदारों ने मिलकर भारतपे के फंड का दुरुपयोग किया.

भारतपे से निकाले जा चुके हैं अशनीर ग्रोवर

हाल ही में कंपनी के बोर्ड ने ग्रोवर को सभी पदों से हटाने का निर्णय लिया था. साथ ही कंपनी ने यह भी बताया था कि फाइनेंशियल मिसडीड को लेकर वह ग्रोवर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने वाली है. इससे एक दिन पहले ग्रोवर ने बोर्ड के नाम इमोशनल लेटर लिखकर इस्तीफा दे दिया था. ग्रोवर ने रिजाइन करते हुए लेटर में कई भावुक बातें की थीं और मौजूदा बोर्ड पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने लेटर में फिर से दोहराया था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है.

ताजा विवाद कंपनी के शेयरों की हिस्सेदारी को लेकर है. भारतपे को भाविक कोलडिया (Bhavik Koladiya) और शाश्वत नकरानी (Shashwat Nakrani) ने मिलकर मार्च 2018 में इनकॉरपोरेट किया था. भारतपे को 1 लाख रुपये के इनिशियल कैपिटल के साथ शुरू किया गया था. भारतपे के शुरुआती दिनों में कोलडिया के पास सबसे ज्यादा हिस्सेदारी थी, लेकिन बाद में वह अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से एक्जिट कर गए. कोलडिया की हिस्सेदारी नकरानी और ग्रोवर के नाम ट्रांसफर कर दी गई थी. जुलाई 2018 में ग्रोवर के पास भारतपे की 31.9 फीसदी हिस्सेदारी थी.

 

 

 

 

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