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डबल मर्डर कर 307 में शामिल बदमाश दबोचा

वेस्ट स्पेशल स्टाफ ने हथियार के साथ किया गिरफ्तार ,मां के कैंसर का कराने इलाज, पैरोल पर भी हुआ था फरार

कई मर्डर, डबल मर्डर, हत्या के प्रयास और पैरोल जम्प करने वाले कपिल सागवान उर्फ नंदू गैंग के शातिर बदमाश को हथियार के साथ वेस्ट डिस्ट्रीक्ट के स्पेशल स्टाफ की पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान वरुण भारद्वाज उर्फ़ मन्नू पंडित के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने इसके पास से पिस्टल और चार जिंदा कारतूस भी बरामद किया है।

डीसीपी वेस्ट घनश्याम बंसल ने बताया कि यह मर्डर और हत्या के प्रयास के कई मामलों में शामिल रहा है। यह बिंदापुर थाने का घोषित बैड करैक्टर भी है। इसके बारे में स्पेशल स्टाफ के कांस्टेबल संदीप को सूचना मिली थी। पता चला था, की यह नजफगढ़ रोड पर कोई वारदात करने के लिए आने वाला है। उसी सूचना पर एसीपी ऑपरेशन अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर पंकज, एएसआई त्रिलोचन, हेड कांस्टेबल राकेश, कांस्टेबल नरेंद्र, संदीप और लोकेश की टीम बनाई गई। इस टीम ने शाम में वहां पर ट्रेप लगाया और जैसे ही यह वहां पहुंचा अलर्ट पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से हथियार मिले।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में पता चला कि यह मूलतः दिल्ली के परमपुरी इलाके का रहने वाला है। कम उम्र में ही है दूसरे बदमाशों के संपर्क में आ गया था। बाद में कुछ समय के लिए प्रॉपर्टी डीलर का काम किया, लेकिन ज्यादा पैसा कमाने के लालच में यह फिर गलत धंधे में शामिल हो गया।

पहली बार यह पश्चिम विहार थाना इलाके में आर्म्स के मामले में गिरफ्तार हुआ था तिहाड़ जेल जाने के बाद इसका संपर्क नंदू गैंग के बदमाशों से हो गया। जेल से बाहर निकलने पर यह कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग का एक्टिव मेंबर हो गया। साल 2010 में यह हत्या के प्रयास के तिलक नगर के मामले में गिरफ्तार हुआ था उसके बाद 2011 में यह बिंदापुर थाना इलाके में हुए मर्डर के मामले में गिरफ्तार हुआ था। जिसमें इसने प्रॉपर्टी विवाद में हत्या कर दी थी। बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद 2014 में सब्जी मंडी इलाके में हुए डबल मर्डर के मामले में भी गिरफ्तार हुआ था। अपने दूसरे साथियों सोनू पहलवान और बंटी पहलवान के साथ गिरफ्तार हुआ था।

पुलिस के अनुसार इसके नजदीकी साथी विजेंद्र उर्फ बीड़ी को दूसरे गैंग शिवा सूरी के लोगों ने मर्डर कर दिया था। उस समय यह जेल में था, जब यह पैरोल पर 2018 में मां की इलाज कराने के लिए बाहर आया तो यह पैरोल जंप कर गया। वापस जेल में रिपोर्ट नहीं किया और उस दौरान शिवा सूरी गैंग से बदला लेने के लिए इधर उधर भागता रहा। इस दौरान यह दिल्ली से राजस्थान और हरियाणा तक पहुंच गया। लगभग एक साल बाद 14 जनवरी 2019 को यह दिल्ली मकर संक्रांति के अवसर पर आया शिवा सूरी गैंग से बदला लेने के लिए और गिरफ्तार कर लिया गया। यह बिंदापुर थाने का घोषित अब्सेंट बीसी है। पुलिस आगे की छानबीन कर रही है।

 

 

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